मंगलवार की दोपहर एक हृदयविदारक घटना घटी जब मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित श्री कृष्णा सेतु पुल के पाया संख्या 10 और 11 के बीच एक 25 वर्षीय युवक ने गंगा में छलांग लगा दी। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवाया। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक ने बिना किसी झिझक के पुल से सीधे गंगा में कूदने का कदम उठाया। पुलिस और प्रशासन को इसकी सूचना मिलते ही गोताखोरों की टीम को गंगा में तलाश अभियान में लगाया गया।
युवक की पहचान एवं पारिवारिक पृष्ठभूमि
गंगा में छलांग लगाने वाले युवक की पहचान कासिम बाजार थाना क्षेत्र के मकससपुर काली स्थान निवासी 25 वर्षीय धीरज कुमार के रूप में हुई है। धीरज कुमार एक राजमिस्त्री के साथ मजदूरी करता था और अपने परिवार के भरण-पोषण में मदद करता था। परिवार में उसके माता-पिता, दो भाई और एक बहन हैं। वह भाइयों में सबसे बड़ा था और घर की जिम्मेदारी भी उसके कंधों पर थी। उसके पिता राजू राम ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार के अनुसार, धीरज का किसी से कोई झगड़ा या विवाद नहीं था, जिससे यह घटना और अधिक रहस्यमय हो जाती है।
घटना से पहले की परिस्थितियाँ
घटना से पहले धीरज कुमार रोज की तरह अपने घर से काम करने के लिए निकला था। परिजनों ने बताया कि उसने दोपहर बाद अपनी मां सीता देवी को फोन किया और कहा, “मैं जा रहा हूं, पुल से गंगा में कूदकर जान देने।” यह सुनते ही मां घबरा गई और परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी दी। घबराए परिवारजन आनन-फानन में श्री कृष्ण सेतु पुल की ओर दौड़े, लेकिन जब तक वे वहां पहुंचते, तब तक धीरज गंगा में छलांग लगा चुका था।
प्रशासन एवं पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। सदर अनुमंडल पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस घटनास्थल पर कैंप कर रही है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय गोताखोरों की टीम को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है।
गोताखोरों का प्रयास
राहत और बचाव कार्य में जुटे गोताखोर जितेंद्र कुमार ने बताया कि पांच गोताखोरों की टीम स्पीड बोट के माध्यम से गंगा में युवक की तलाश कर रही है। गंगा की तेज धारा के कारण खोज अभियान में कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन बचाव दल पूरी तरह से प्रयासरत है। स्थानीय लोग भी मौके पर जमा होकर इस घटनाक्रम को देख रहे हैं और प्रार्थना कर रहे हैं कि युवक को जल्द से जल्द खोज लिया जाए।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
धीरज के गंगा में कूदने की सूचना मिलने के बाद से उसके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। उसकी मां सीता देवी बार-बार बेहोश हो रही हैं और अपने बेटे को वापस लाने की गुहार लगा रही हैं। पिता राजू राम का कहना है कि उनका बेटा ऐसा कदम क्यों उठाएगा, इसका उन्हें कोई अंदाजा नहीं है। पूरा परिवार सदमे में है और लगातार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस घटना से स्थानीय लोग भी स्तब्ध हैं। कई लोगों का कहना है कि धीरज कुमार एक सीधा-साधा मजदूर था, जो मेहनत-मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का पेट पालता था। वह किसी गलत संगति में नहीं था, न ही किसी तरह के कर्ज में था। इसलिए यह समझ पाना मुश्किल हो रहा है कि आखिर उसने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया।
आगे की कार्रवाई
प्रशासन की ओर से बचाव अभियान तेज कर दिया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह आत्महत्या का मामला तो नहीं है या फिर किसी अन्य कारण से उसे ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया।
गोताखोरों की टीम लगातार युवक की तलाश कर रही है, और सभी को उम्मीद है कि जल्द ही कोई सुराग मिलेगा।