मुंगेर में 13 वर्षीय नाबालिक लड़की की हत्या मामले का खुलास, मामूली विवाद में छोटी बहन ने की थी हत्या

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बिहार के मुंगेर जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसमें 13 वर्षीय नाबालिग लड़की की निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया और पता चला कि इस हत्या को अंजाम देने वाली कोई और नहीं बल्कि मृतका की 11 वर्षीय छोटी बहन ही थी। यह घटना पारिवारिक विवाद से उपजी एक त्रासदी है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया।

घटना का विवरण

यह घटना मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बेनीगिर में 28 मार्च को घटी। जब घर के अन्य सदस्य जुम्मे की आखिरी नमाज अदा करने के लिए मस्जिद गए थे, तब घर में सिर्फ दो बहनें मौजूद थीं। उसी समय दोनों बहनों के बीच कपड़ा पहनने को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि 11 वर्षीय छोटी बहन ने गुस्से में आकर कुल्हाड़ी से अपनी ही बड़ी बहन पर कई वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस की जांच और खुलासा

घटना की जानकारी मिलते ही मुंगेर पुलिस सक्रिय हो गई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस को मृतका का शव अर्धनग्न अवस्था में खून से लथपथ पलंग पर पड़ा मिला। शरीर पर कुल्हाड़ी से किए गए कई वारों के निशान थे, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि हत्या अत्यंत क्रूरता से की गई थी। पुलिस ने कई संभावित एंगल पर जांच की और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। शुरुआत में कई तरह की आशंकाएँ थीं, लेकिन महज 24 घंटे के भीतर ही पुलिस ने इस हत्या की गुत्थी सुलझा ली। मामले का खुलासा करते हुए मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि 13 वर्षीय मृतका की हत्या उसकी ही 11 वर्षीय छोटी बहन ने की थी।

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हत्या का कारण: एक मामूली विवाद

पुलिस के अनुसार, यह हत्या किसी सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा नहीं थी, बल्कि यह नासमझी में उठाया गया एक खौफनाक कदम था। मृतका अपने आठ भाई-बहनों में से एक थी और उनके पिता मो. फकरुद्दीन मस्जिद में सफाई का काम करते हैं। मां की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी, जिससे घर की जिम्मेदारियां बढ़ गई थीं।

घटना वाले दिन दोनों बहनें नहाने के बाद इस बात पर झगड़ने लगीं कि कौन-सा कपड़ा कौन पहनेगा। झगड़ा इतना बढ़ गया कि छोटी बहन ने गुस्से में आकर घर में रखी कुल्हाड़ी उठा ली और अपनी बड़ी बहन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। कुल्हाड़ी के कई वारों से उसकी बड़ी बहन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

एफएसएल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका

इस मामले में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस को मौके से कई साक्ष्य मिले, जिनका वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया। हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी पर मिले रक्त के नमूनों और अन्य फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि हत्या घर के अंदर ही हुई थी और इसमें किसी बाहरी व्यक्ति का हाथ नहीं था।

समाज पर असर और चेतावनी

यह घटना समाज के लिए एक महत्वपूर्ण सीख है कि गुस्से और नासमझी में लिए गए फैसले कितने घातक हो सकते हैं। इतनी छोटी उम्र में एक बहन का अपनी ही बहन की हत्या कर देना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक चिंताजनक संकेत है। बच्चों को सही दिशा देने और गुस्से पर नियंत्रण रखना सिखाना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

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