मुंगेर स्टेशन में महान कवयित्री महादेवी वर्मा की जयंती पर मालदा मंडल द्वारा भव्य साहित्यिक समारोह का आयोजन

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पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा हिंदी साहित्य की महान कवयित्री एवं भारतीय साहित्य जगत की स्वर कोकिला महादेवी वर्मा जी की जयंती के अवसर पर एक भव्य साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मुंगेर रेलवे स्टेशन पर आयोजित हुआ, जिसमें साहित्यप्रेमियों, विद्वानों, कवियों एवं रेलवे कर्मचारियों ने भाग लिया। यह आयोजन मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य हिंदी साहित्य की इस महान विभूति को श्रद्धांजलि अर्पित करना तथा साहित्यिक चेतना को जागरूक करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता और उद्घाटन

इस समारोह की अध्यक्षता मुंगेर रेलवे स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक श्री रविंद्र शर्मा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ महादेवी वर्मा के तैल चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने उनकी कृतियों और हिंदी साहित्य में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

महादेवी वर्मा: हिंदी साहित्य की अमर विभूति

महादेवी वर्मा को हिंदी साहित्य के छायावादी युग की प्रमुख स्तंभ माना जाता है। उनकी रचनाएँ संवेदनशीलता, नारी सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रभक्ति की भावना से परिपूर्ण हैं। उनकी कालजयी रचनाएँ, जैसे कि ‘नीरजा’, ‘संध्यागीत’, और ‘दीपशिखा’, आज भी पाठकों के मन को छूती हैं।

उनकी साहित्यिक यात्रा केवल कविता तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने निबंध, संस्मरण और कथाओं के माध्यम से भी समाज में व्याप्त रूढ़ियों को तोड़ने का कार्य किया। उनकी लेखनी में महिलाओं की स्वतंत्रता और उनके अधिकारों की स्पष्ट झलक मिलती है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और नारी शिक्षा के लिए अपनी पूरी ज़िंदगी समर्पित कर दी।

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मुख्य वक्ता एवं आमंत्रित अतिथि

इस भव्य आयोजन में कई गणमान्य साहित्यकारों और विद्वानों ने भाग लिया। वरिष्ठ अनुवादक, मालदा मंडल के श्री विद्या सागर राम ने आमंत्रित वक्ताओं और उपस्थित रेल कर्मचारियों का स्वागत किया। इस अवसर पर आमंत्रित प्रमुख वक्ताओं में शामिल थे:

श्री प्रमोद कुमार निराला (कवि एवं साहित्यकार)

डॉ. अंजनी कुमार सुमन (हिंदी विद्वान)

श्री विनय कुमार झा ‘विमल’ (साहित्यकार)

श्री मधुसूदन आत्मीय (कवि)

श्री विजय कुमार गुप्ता (साहित्यकार)

श्री निवास कुमार (लेखक)

मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए कई प्रमुख साहित्यकार और विद्वान उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

डॉ. अभय कुमार (विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, बी.आर.एम. कॉलेज, मुंगेर)

डॉ. देवनायक दास (हिंदी साहित्यकार)

कवि विजय वर्तानिया

कवि विजेता मोगदलपुरी

अलख निरंजन कुशवाहा

अशोक शर्मा

इन सभी महानुभावों की उपस्थिति से यह कार्यक्रम और अधिक गरिमामयी बन गया। वक्ताओं ने महादेवी वर्मा के साहित्यिक योगदान, उनकी कालजयी रचनाओं एवं हिंदी भाषा के प्रति उनके अविस्मरणीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

सम्मान एवं पुरस्कार वितरण

स्टेशन प्रबंधक, मुंगेर श्री रविंद्र शर्मा द्वारा सभी आमंत्रित वक्ताओं को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान साहित्य और संस्कृति के प्रति उनके योगदान की सराहना के रूप में दिया गया। कार्यक्रम के दौरान कई युवा कवियों और लेखकों को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया, जिससे साहित्य के प्रति उनकी रुचि और अधिक प्रबल हो सके।

कार्यक्रम संचालन और समापन

कार्यक्रम का संचालन कवि एवं रंगकर्मी श्री प्रमोद कुमार निराला द्वारा अत्यंत सुंदर एवं प्रभावी ढंग से किया गया। अंत में कनिष्ठ अनुवादक श्री इंद्र ज्योति राय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों एवं उपस्थित साहित्य प्रेमियों का आभार व्यक्त किया।

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मालदा मंडल की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रतिबद्धता

मालदा मंडल द्वारा आयोजित यह साहित्यिक समारोह मालदा मंडल की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और साहित्यिक संवेदनशीलता को दर्शाता है। यह आयोजन न केवल हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा को सम्मान देने का प्रयास था, बल्कि रेलवे कर्मचारियों और समाज में साहित्यिक चेतना जागृत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

मालदा मंडल साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से भारतीय साहित्यिक धरोहर को सहेजने हेतु कार्य करता रहेगा। इस प्रकार के आयोजनों से नई पीढ़ी को अपने महान साहित्यकारों की कृतियों से जुड़ने का अवसर मिलता है और साहित्य के प्रति उनकी रुचि प्रबल होती है

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