मुंगेर के तेघड़ा गांव में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद पटना से जांच के लिए पहुंची टीम जानिए क्या मिला

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मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड के तेघड़ा गांव में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पशुपालन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। तेघड़ा गांव के एक बगीचे में मृत पाए गए कौवे की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पटना से आई एक विशेषज्ञ टीम ने दूसरे दिन प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और आवश्यक जांच एवं सैंपल कलेक्शन की प्रक्रिया पूरी की।

दरअसल, मंगलवार को भोपाल स्थित लैब से आई जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि मुंगेर के तेघड़ा गांव में मृत पाए गए कौवे में बर्ड फ्लू का संक्रमण था। रिपोर्ट आते ही जिला पशुपालन विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। पशुपालन विभाग की पांच सदस्यीय जिला टीम ने प्रभावित इलाके का दौरा किया और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए छिड़काव शुरू कर दिया। इसके बाद बुधवार को राज्यस्तरीय विशेषज्ञों की एक टीम भी मौके पर पहुंची। इस टीम में पशु स्वास्थ्य विभाग एवं उत्पादन संस्थान, बिहार पटना के डॉ. ज्ञानवेंद्र कुमार वर्मा और शोध पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार सहित कुल पांच सदस्य शामिल थे। इनके साथ तीन अन्य विभागीय कर्मी भी थे। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. कमलदेव स्वयं अपनी टीम के साथ तेघड़ा गांव पहुंचे और वहां विस्तृत जांच शुरू की।

राज्यस्तरीय टीम ने प्रभावित क्षेत्र के अलावा आसपास के अन्य बगीचों का भी जायजा लिया और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए वहां भी छिड़काव कराया। मंगलवार से ही जिला स्तर की टीम लगातार पूरे गांव में संक्रमण रोकने के लिए दवा का छिड़काव कर रही है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. कमलदेव ने बताया कि बुधवार को राज्यस्तरीय टीम ने प्रभावित क्षेत्र और आसपास के इलाकों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि न केवल प्रभावित बगीचे बल्कि अन्य आसपास के बगीचों में भी एहतियातन छिड़काव किया गया है।

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विशेषज्ञों की टीम ने वहां से पोल्ट्री फार्म के कुछ सैंपल भी लिए। रिपोर्ट के अनुसार, पोल्ट्री फार्म से लिए गए सैंपल निगेटिव पाए गए, जिससे स्पष्ट हुआ कि यह संक्रमण अभी केवल कौवे तक ही सीमित है। इसलिए आम जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन द्वारा हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि यह संक्रमण आगे न फैल सके।

फॉगिंग और छिड़काव की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों तक लगातार जारी रहेगी जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि संक्रमण पूरी तरह समाप्त हो गया है। जिला पशुपालन विभाग ने यह भी घोषणा की है कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन गांव का दौरा कर स्थिति पर नजर रखेंगे और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई करेंगे।

डॉ. कमलदेव ने ग्रामीणों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने बताया कि पोल्ट्री में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है, केवल कौवे में संक्रमण की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों को अपने मुर्गी फार्म या अन्य पक्षियों को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

इसके अलावा, पशुपालन विभाग द्वारा ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें लोगों को बर्ड फ्लू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी को किसी भी प्रकार के बीमार पक्षी दिखें तो वे तुरंत इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन या पशुपालन विभाग को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

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तेघड़ा गांव में यह मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए टीमें लगातार गांवों का दौरा कर रही हैं और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रही हैं।

कुल मिलाकर, प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संक्रमण को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है और किसी भी तरह की अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है। इस तरह की स्थिति में सामूहिक प्रयास और सतर्कता से ही संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।

 

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