मुंगेर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित नीलम चौक पानी टंकी के पास एक गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह गोदाम स्थानीय व्यवसायी शैलेन्द्र केसरी का था, जहां कुरकुरे, चिप्स और चॉकलेट सहित अन्य खाद्य सामग्री का स्टॉक रखा हुआ था। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे लाखों रुपये की संपत्ति जलकर खाक हो गई।
स्थानीय लोगों और अग्निशमन विभाग ने की कड़ी मशक्कत
जैसे ही गोदाम से धुएं के काले गुबार उठने लगे, स्थानीय लोगों को इस आग की जानकारी हुई। पहले तो लोगों ने अपने स्तर पर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि इसे बुझा पाना संभव नहीं था। तत्काल इस घटना की सूचना गोदाम मालिक को दी गई और साथ ही अग्निशमन विभाग को भी सूचित किया गया। सूचना मिलने के बाद दमकल की छह बड़ी गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं और कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक आग ने गोदाम में रखी सारी खाद्य सामग्री और अन्य सामान को जलाकर राख कर दिया था।
आग लगने के कारणों का अब तक नहीं चला पता
इस आगलगी का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। गोदाम मालिक शैलेन्द्र केसरी का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि आग कैसे लगी। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब इस गोदाम में आग लगी हो। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 3-4 साल पहले भी इसी गोदाम में आग लगी थी। तब भी आसपास के लोगों ने गोदाम मालिक को सलाह दी थी कि वह इस गोदाम को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर लें, क्योंकि यह एक रिहायशी इलाका है और यहाँ किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। बावजूद इसके, गोदाम को स्थानांतरित नहीं किया गया, जिसका नतीजा यह हुआ कि एक बार फिर आग लग गई और लाखों की संपत्ति जलकर राख हो गई।
रिहायशी इलाके में गोदाम होना बना चिंता का विषय
स्थानीय लोगों ने इस घटना के बाद प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के व्यवसायिक गोदामों को रिहायशी इलाकों से दूर किया जाए। उनका कहना है कि खाद्य सामग्री का यह गोदाम अत्यधिक ज्वलनशील वस्तुओं से भरा हुआ था, जिससे आग तेजी से फैली। यदि यह आग और ज्यादा भयानक रूप ले लेती, तो यह आसपास के घरों और दुकानों तक भी पहुंच सकती थी, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। लोगों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस तरह के गोदामों को शहर से बाहर किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
गोदाम मालिक को हुआ भारी नुकसान
इस आगलगी में गोदाम मालिक शैलेन्द्र केसरी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। गोदाम में रखे सभी खाद्य पदार्थ जलकर खाक हो गए हैं। इसके अलावा, गोदाम की संरचना को भी भारी क्षति पहुँची है, जिससे इसे दोबारा तैयार करने में भी काफी खर्च आएगा। हालाँकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। लेकिन इस आग ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक व्यवसायिक गतिविधियाँ इस तरह के जोखिम भरे इलाकों में चलती रहेंगी?
प्रशासन की भूमिका और भविष्य की योजनाएँ
इस घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने के बाद गोदाम को सुरक्षित घोषित किया, लेकिन अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए जाएंगे। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने की योजना बना रहा है कि रिहायशी इलाकों में कोई भी व्यवसायिक गोदाम संचालित न हो। साथ ही, यह भी जाँच की जा रही है कि क्या गोदाम में आग सुरक्षा के उचित इंतजाम किए गए थे या नहीं। यदि लापरवाही पाई जाती है, तो गोदाम मालिक पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।